Bhagwad Gita Suvichar | Quotes | Motivational Thoughts

Bhagwat Gita Suvichar Anmol Vachan Picture Images
  1. Bhagwat Gita Suvichar Anmol Vachan Picture ImagesThe one who sees inaction in action, and action in inaction, is a wise person.
    जो कार्य में निष्क्रियता और निष्क्रियता में कार्य देखता है वह एक बुद्धिमान व्यक्ति है.
  2. I am the sweet fragrance in the earth. I am the heat in the fire, the life in all living beings, and the austerity in the ascetics.
    मैं धरती की मधुर सुगंध हूँ . मैं अग्नि की ऊष्मा हूँ, सभी जीवित प्राणियों का जीवन और सन्यासियों का आत्मसंयम हूँ.
  3. You grieve for those who are not worthy of grief, and yet speak the words of wisdom. The wise grieve neither for the living nor for the dead.
    तुम उसके लिए शोक करते हो जो शोक करने के योग्य नहीं हैं, और फिर भी ज्ञान की बाते करते हो.बुद्धिमान व्यक्ति ना जीवित और ना ही मृत व्यक्ति के लिए शोक करते हैं.
  4. There was never a time when I, you, or these kings did not exist; nor shall we ever cease to exist in the future.
    कभी ऐसा समय नहीं था जब मैं , तुम ,या ये राजा-महाराजा अस्तित्व में नहीं थे, ना ही भविष्य में कभी ऐसा होगा कि हमारा अस्तित्व समाप्त हो जाये.
  5. Works do not bind Me, because I have no desire for the fruits of work.
    कर्म मुझे बांधता नहीं, क्योंकि मुझे कर्म के प्रतिफल की कोई इच्छा नहीं.
  6. Both you and I have taken many births. I remember them all, O Arjuna, but you do not remember.
    हे अर्जुन ! हम दोनों ने कई जन्म लिए हैं. मुझे याद हैं , लेकिन तुम्हे नहीं.
  7. The one who truly understands My transcendental birth and activities, is not born again after leaving this body and attains My abode.”
    वह जो वास्तविकता में मेरे उत्कृष्ट जन्म और गतिविधियों को समझता है, वह शरीर त्यागने के बाद पुनः जन्म नहीं लेता और मेरे धाम को प्राप्त होता है.
  8. To those ever steadfast devotees, who always remember or worship Me with single-minded contemplation, I personally take responsibility for their welfare.”
    अपने परम भक्तों, जो हमेशा मेरा स्मरण या एक-चित्त मन से मेरा पूजन करते हैं , मैं व्यक्तिगत रूप से उनके कल्याण का उत्तरदायित्व लेता हूँ.
  9. Karma-yoga is a supreme secret indeed.
    कर्म योग वास्तव में एक परम रहस्य है.
  10. Karma does not bind one who has renounced work.
    कर्म उसे नहीं बांधता जिसने काम का त्याग कर दिया है.


    .ads in wordpress
Don't forget to Share this:

You may also like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *