Shri Krishna Anmol Vachan – Suvichars – Motivational Thoughts

Bhagwat Gita Suvichar Anmol Vachan Picture Images
  1. Bhagwat Gita Suvichar Anmol Vachan Picture ImagesThe wise should work without attachment, for the welfare of the society.
    बुद्धिमान व्यक्ति को समाज कल्याण के लिए बिना आसक्ति के काम करना चाहिए.
  2. For those who wish to climb the mountain of spiritual awareness, the path is selfless work. For those who have attained the summit of union with the Lord, the path is stillness and peace.
    जो व्यक्ति आध्यात्मिक जागरूकता के शिखर तक पहुँच चुके हैं , उनका मार्ग है निःस्वार्थ कर्म . जो भगवान् के साथ संयोजित हो चुके हैं उनका मार्ग है स्थिरता और शांति.
  3. Though I am the author of this system, one should know that I do nothing and I am eternal.
    यद्द्यापी मैं इस तंत्र का रचयिता हूँ , लेकिन सभी को यह ज्ञात होना चाहिए कि मैं कुछ नहीं करता और मैं अनंत हूँ .
  4. They all attain perfection When they find joy in their work.
    जब वे अपने कार्य में आनंद खोज लेते हैं तब वे पूर्णता प्राप्त करते हैं.
  5. One who abandons all desires and becomes free from longing and the feeling of ‘I’ and ‘my’ attains peace.
    वह जो सभी इच्छाएं त्याग देता है और “मैं ” और “मेरा ” की लालसा और भावना से मुक्त हो जाता है उसे शांती प्राप्त होती है .
  6. There is no one hateful or dear to Me. But, those who worship Me with devotion, they are with Me and I am also with them.
    मेरे लिए ना कोई घृणित है ना प्रिय .किन्तु जो व्यक्ति भक्ति के साथ मेरी पूजा करते हैं , वो मेरे साथ हैं और मैं भी उनके साथ हूँ .
  7. Those who long for success in their work here [on the earth] worship the demigods.
    जो इस लोक में अपने काम की सफलता की कामना रखते हैं वे देवताओं का पूजन करें .
  8. I give heat, I send as well as withhold the rain, I am immortality as well as death. In Hindi: मैं ऊष्मा देता हूँ , मैं वर्षा करता हूँ और रोकता भी हूँ , मैं अमरत्व भी हूँ और मृत्यु भी .
  9. The evil doers, the ignorant, the lowest persons who are attached to demonic nature, and whose intellect has been taken away by Maya do not worship or seek Me.
    बुरे कर्म करने वाले , सबसे नीच व्यक्ति जो राक्षसी प्रवित्तियों से जुड़े हुए हैं , और जिनकी बुद्धि माया ने हर ली है वो मेरी पूजा या मुझे पाने का प्रयास नहीं करते .
  10. Whosoever desires to worship whatever deity with faith, I make their faith steady in that very deity.
    जो कोई भी जिस किसी भी देवता की पूजा विश्वास के साथ करने की इच्छा रखता है , मैं उसका विश्वास उसी देवता में दृढ कर देता हूँ .


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